केंद्रीय बजट 2026 पर्यटन एवं संस्कृति के लिए ऐतिहासिक उपहार : पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल….

रायपुर: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारामण द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 को छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने राज्य के विकास के लिए मील का पत्थर बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट पर्यटन को रोजगार इंजन बनाने और सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक पटल पर उजागर करने की दिशा में क्रांतिकारी कदम है, जो छत्तीसगढ़ जैसे समृद्ध सांस्कृतिक राज्य के लिए वरदान सिद्ध होगा। बजट में पर्यटन क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए राष्ट्रीय आतिथ्य संस्थान की स्थापना, प्रमुख पर्यटन हबों में गाइड प्रशिक्षण पायलट योजना और इकोलॉजिकल माउंटेन ट्रेल्स का विकास शामिल है। इसके अलावा, 15 पुरातात्विक स्थलों को सांस्कृतिक पर्यटन गंतव्यों में बदलने तथा अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर टीसीएस दर 2% घटाने से सस्ती यात्रा संभव होगी।

केंद्रीय बजट 2026 पर्यटन एवं संस्कृति के लिए ऐतिहासिक उपहार : पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल

छत्तीसगढ़ के इको-एथनिक पर्यटन, जनजातीय संस्कृति और राजिम कुंभ जैसे आयोजनों को इससे अपार लाभ मिलेगा। श्री अग्रवाल ने कहा कि “केंद्र सरकार का यह प्रयास छत्तीसगढ़ की पर्यटन संभावनाओं को साकार करेगा। हमारी राज्य सरकार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पहले ही पर्यटन नीति 2026 के तहत 350 करोड़ से अधिक निवेश आकर्षित कर चुकी है, और यह बजट इसे गति प्रदान करेगा। केंद्र की मदद से पहले ही पर्यटन स्थलों का विकास तेज हो चुका है।” राज्य में चित्रकोट, बस्तर की जनजातीय संस्कृति और सरगुजा के धार्मिक स्थलों को इको-टूरिज्म और सांस्कृतिक सर्किट के रूप में विकसित करने का सुनहरा अवसर मिला है।

बजट से उत्पन्न रोजगार अवसर स्थानीय युवाओं के लिए वरदान होंगे, जबकि छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल का राजस्व 5 गुना बढ़कर 10 करोड़ पहुंच चुका है। मंत्री श्री अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री की सराहना करते हुए कहा कि यह ‘विकसित भारत’ का सशक्त कदम है। श्री अग्रवाल ने राज्य स्तर पर भी कमर कसने का ऐलान किया।  उन्होंने कहा कि “यह बजट न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत करेगा,” ।